हरियाणा में उफनाईं नदी-नालों व लगातार हो रही बारिश अब तबाही मचाने लगी है। मंगलवार से अब-तक को बारिश जनित हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बह गया। इनमें चार की मौत तो केवल करंट से हुई। जलभराव व सड़क धंसने से हिसार व यमुनानगर में दो नेशनल हाईवे पर यातायात रोकना पड़ा।
हिसार में चंडीगढ़ हाईवे के एक हिस्से को तोड़कर पानी निकाला और आवागमन हुआ। वहीं, कलानौर में पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर यमुना नदी पर बना पुल चार इंच धंस गया। इससे पुल पर बैरिकेडिंग कर एक साइड बंद कर दी गई है।
करनाल में शेरगढ़ टापू का पुल डूबने से करनाल का सहारनपुर से संपर्क कट गया है। गुरुग्राम में तो चार अंडरपास बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह यमुनानगर के लापरा गांव की मुख्य सड़क और खेत हुए जलमग्न होने से आवाजाही पूरी तरह से बंद है।
फतेहाबाद के भूना में कुलां मार्ग पर पानी भरने से बंद किया गया है। जलभराव के कारण दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम लगा रहा है। गुरुग्राम में भी छह घंटे जाम जैसी स्थिति रही। दूसरी ओर पांच दिन बाद भी नदियों का जलस्तर कम नहीं हुआ। पानीपत में यमुना, कुरुक्षेत्र में मरकंडा लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि कैथल के गुहला-चीका में घग्गर का जलस्तर 22 फीट पर पहुंच गया है।
गुरुग्राम के कार्यालयों में आज भी वर्क फ्राॅम होम
प्रदेश के 12 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। आठ जिलों भिवानी, झज्जर, गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व पंचकूला के कुछ स्कूल बंद करने पड़े। फतेहाबाद के भूना, जाखल और टोहाना के स्कूलों में तीन दिन के लिए अवकाश कर दिया गया। गुरुग्राम में बुधवार को भी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम के आदेश जारी हुए हैं। यहां स्कूलों में कक्षाएं भी ऑनलाइन लगेंगी।
बारिश व बाढ़ जैसे हालात से तीन दिन और राहत की उम्मीद कम है। मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ ने तीन सितंबर को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 4 व 5 को भी हरियाणा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना रहेगी।
बिगड़ते हालात देखते हुए कैथल में एसडीआएफ व एनडीआरआफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं, जबकि सोनीपत, सिरसा व करनाल में टीमों को बुलाया गया है। सरकार ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। सभी जिलों में पटवारी, ग्राम सचिव व ग्रामीण ठीकरी पहरे दे रहे हैं। फतेहाबाद में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तीन डीएसपी, 350 पुलिसकर्मी बचाव के लिए तैनात किए गए हैं।












