कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार की शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई है और 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। इस हादसे के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है और भीड़ के जमा होने पर रोक लगा दी गई है।
दरअसल अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर खड़ी भीड़ अचानक पंडाल के अंदर घुसने लगी, जबकि अंदर मौजूद लोग बारिश के कारण बाहर नहीं निकल रहे थे। अत्यधिक भीड़ के दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे लोगों में भ्रम फैल गया और भगदड़ मच गई।
हादसे की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में STF और CID के अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में पूजा आयोजकों सहित 14 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से कुछ को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
राज्य के अन्य बड़े पंडालों में सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट की समीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा की अगुवाई में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और उन्हें 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
वहीं हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।









