नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी अंतरिम आदेश या उनकी निलंबन का आदेश जारी करने से साफ इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने स्पष्ट कहा कि कोर्ट महज समाचार या अखबार की रिपोर्ट की बुनियाद पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकता।
इस मामले की गहराई को जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कोर्ट ने कहा कि याचिका का मुख्य आधार मीडिया रिपोर्ट्स हैं, जो 100% सही, आंशिक रूप से सही या पूरी तरह गलत भी हो सकती हैं। इसलिए बिना आयोग का आधिकारिक पक्ष जाने कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता।
बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत निलंबित किया जाए, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगले 10 दिनों में कुछ ऐसा नहीं बदल जाएगा।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भरोसा दिलाया कि अगर चुनाव आयोग के जवाब से यह साबित होता है कि फैसले बिना सर्वसम्मति या आवश्यक बहुमत के एकतरफा लिए गए थे, तो कोर्ट उन फैसलों को रद्द या वापस कर सकता है।









