आखिरकार ममता बनर्जी के इस्तीफ़ा नहीं देने के बाद राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग कर दी है। अब बंगाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 (2) की उप-धारा (ख) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल विधानसभा भंग करने का निर्देश दिया है।
इस आदेश से 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ 18वीं विधानसभा के गठन का रास्ता साफ हो गया। वर्तमान विधानसभा का 5 साल का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा था, राज्यपाल ने संवैधानिक संकट टालने के लिए इसे भंग कर दिया।
राज्यपाल के इस आदेश के बाद ममता बनर्जी अब राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रही हैं और उनका पूरा मंत्रिमंडल भी बर्खास्त हो गया है। नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक राज्य की कमान राज्यपाल संभालेंगे।
चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था जिसे उन्होंने ‘जनादेश नहीं बल्कि साजिश’ करार दिया था। इस फैसले के साथ ही पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के कार्यकाल का औपचारिक अंत हो गया है।








